三 蕩之什

關燈
人亦有言:“柔則茹之,剛則吐之。

    ”維仲山甫,柔亦不茹,剛亦不吐。

    不侮矜寡,不畏強禦。

     今譯 世人們常說:“軟的就把他吃了,硬的就把他吐了。

    ”這完全是欺軟怕硬的現實主義。

    唯獨仲山甫不是這樣,他對于軟的既不吞食,對于硬的也不屈服。

    不欺侮那些鳏寡的人,也不害怕那些強暴的人。

     儀圖:揣度,想象也。

    衮職:天子服衮衣,故衮職,即天子之職。

    阙:失也。

    人亦有言:“德[10]如毛,民鮮克舉之。

    ”我儀圖之,維仲山甫舉之。

    愛莫助之,衮職有阙,維仲山甫補之。

     今譯 人們也說過:“德之輕如羽毛一樣,但是人們很少能把它舉起來。

    ”我心中想象隻有一個人,就是隻有仲山甫能舉起來。

    我對于仲山甫真是愛其德而不能有所幫助。

    天子有什麼錯誤,唯仲山甫能夠糾正過來,補救過來。

     出祖:出行祭道神。

    業業:雄健的樣子。

    捷捷:疾速的樣子。

    彭彭:盛壯的樣子。

    锵锵:鸾鈴之鳴聲。

    東方:齊之臨淄。

    仲山甫出祖,四牡業業,征夫捷捷,每懷靡及。

    四牡彭彭,八鸾锵锵。

    王命仲山甫,城彼東方。

     今譯 仲山甫出祖啟行,四牡業業而前進,征夫捷捷而疾走,好像常常存着唯恐趕不及的心情。

    四牡彭彭而前進,八鸾锵锵而和鳴,王命仲山甫,建設東方的臨淄。

     骙骙:強健的樣子。

    喈喈:和鳴聲。

    徂:往也。

    誦:有音節而可誦之詞句。

    穆:溫和的。

    四牡骙骙,八鸾喈喈。

    仲山甫徂齊,式遄其歸。

    吉甫作誦,穆如清風。

    仲山甫永懷,以慰其心。

     今譯 四牡骙骙而前進,八鸾喈喈而和鳴,仲山甫往齊國去了,希望他能早去早回。

    吉甫作這首詩,溫和的如同清風一般,希望仲山甫永遠記着這首詩,可以安慰他的心靈。

     (七)韓奕 這是贊美韓侯之詩。

     奕奕:高大的樣子。

    梁山:在今河北省固安縣境内。

    甸:治也。

    倬:光明。

    有倬,即倬然。

    戎:你,汝也。

    解:同“懈”。

    虔共:虔,敬也。

    共,恭也。

    榦:糾正也。

    不庭方:不來朝會之方國。

    辟:音壁,君也。

    奕奕梁山,維禹甸之,有倬其道。

    韓侯受命,王親命之:“缵戎祖考,無廢朕命。

    夙夜匪解,虔共爾位,朕命不易。

    榦不庭方,以佐戎辟。

    ” 今譯 高大的梁山,是禹王所平治的。

    因為韓侯的行事,很是光明,所以就受命而為韓侯。

    王親自命令他道:“你要繼續你先祖的事業,不要廢棄我的命令。

    你要晝夜不懈地努力工作,誠心誠意恭恭敬敬地盡到你的職責。

    我命你為韓侯,也并不是一件容易之事。

    希望你以身作則,能糾正那些不來朝會的方國,以輔佐你的君王。

    ” 修:長也。

    張:大也。

    觐:朝見天子。

    介圭:大圭,執之為贽,以合瑞于王也。

    淑:善也,美好也。

    旂:旗上繪有交龍之文。

    綏章:染鳥羽或旄牛尾為之,注于旂竿之首,以為表章者也。

    簟茀錯衡:簟,方文竹席。

    茀,車蔽。

    錯,文采。

    衡,轅前端之橫木。

    玄衮:玄色畫有卷龍之衣。

    赤舄:赤色之履也。

    鈎膺:馬腹之帶,有鈎以拘之,施之于胸部。

    镂:刻金也。

    钖:音陽,馬眉上之飾物也。

    鞹:音擴,除過毛之革。

    鞃:音弘,車轼蒙革也。

    鞹鞃,即以去毛之皮,施于轼之中央,以使車子牢固也。

    淺幭:以淺色之虎皮覆于轼也。

    幭音密。

    鞗革金厄:鞗革,辔首也。

    鞗音條。

    金厄,以金為環,纏搤辔首也。

    四牡奕奕,孔修且張。

    韓侯入觐,以其介圭,入觐于王。

    王錫韓侯,淑旂綏章,簟茀錯衡,玄衮赤舄,鈎膺镂钖,鞹鞃淺幭,鞗革金厄。

     今譯 四匹雄馬,奕奕然既長且大。

    韓侯入朝觐見天子的時候,以其大圭,入觐于王。

    王賜韓侯以美麗的旗幟,旗杆之首有些羽毛的飾物。

    車子的裝飾,也很美觀,以方文竹席為車蔽,車前端的橫木之上,也施以文采。

    又賜以玄色的衮衣,赤色之舄。

    馬的裝飾有鈎膺,有镂钖。

    車轼上蒙之以淺色的虎皮。

    馬辔之首,以金環束之。

    這些都是王賞賜于韓侯的。

     韓侯出祖:韓侯觐見天子之後,而首途就國。

    祖者,行路,祭道路之神也。

    祭而出發,故曰出祖。

    屠:地名,或以為杜陵。

    顯父:周之卿士也。

    卿士都是地位顯達之人,故曰顯父。

    父者,男子之美稱也。

    蓛:音速,蔬菜也。

    乘馬路車:乘,四馬曰乘。

    路車:諸侯所乘之車。

    且:音居,多也。

    有且,即且然。

    侯氏燕胥:來朝之諸侯送行而共相宴樂也。

    胥,共同。

    韓侯出祖,出宿于屠。

    顯父餞之,清酒百壺。

    其殽維何?炰鼈鮮魚。

    其蔌維何?維筍及蒲。

    其贈維何?乘馬路車。

    笾豆有且,侯氏燕胥。

     今譯 韓侯要啟程就國了,出宿于屠地。

    周室的卿大夫們為他送行,備了清酒百壺。

    肉菜是炰鼈和鮮魚,素菜是筍子和蒲蒻。

    天子贈他以乘馬路車。

    笾豆的陳設甚多,各國來朝的諸侯,都來參加這場歡宴。

     汾王:厲王,流于彘,在汾水之上,故時人稱為汾王雲。

    蹶父:周之卿士,蹶音桂。

    止:語詞。

    兩:同“輛”,車輛。

    彭彭:車行盛大的樣子。

    锵锵:車鈴之響聲。

    不顯:丕顯,大顯也。

    諸娣從之:古者諸侯娶妻,一娶九女,諸侯娶一國,則二國往媵之,以侄娣從,侄者兄之子,娣者女弟也。

    祁祁:衆多的樣子。

    顧:曲顧,親迎之禮。

    爛其:粲爛,即爛然也。

    韓侯取妻,汾王之甥,蹶父之子。

    韓侯迎止,于蹶之裡。

    百兩彭彭,八鸾锵锵,不顯其光。

    諸娣從之,祁祁如雲。

    韓侯顧之,爛其盈門。

     今譯 韓侯娶太太了,是汾王的甥女,是蹶父的女兒。

    韓侯親自到蹶父那裡去迎親。

    百輛的車兒,彭彭而盛大,八鸾的響聲,锵锵而和鳴,大大地顯現其光彩,妻之諸娣,從之而來。

    韓侯親迎,衆多的美女,光豔照人,一個比一個漂亮,充盈了門庭。

     韓姞:姞,蹶父之姓。

    因其女嫁于韓,故曰韓姞。

    相攸:相其所宜适之地也。

    甫甫:大也。

    噳噳:音禹,衆多的樣子。

    蹶父孔武,靡國不到。

    為韓姞相攸,莫如韓樂。

    孔樂韓土,川澤[11],鲂甫甫,麀鹿噳噳。

    有熊有罴,有貓有虎,慶既令居,韓姞燕譽。

     今譯 蹶父甚是勇武,沒有一個國家是他沒到過的。

    他為韓姞考慮所适宜的地方,認為再沒有比嫁到韓國更快樂了。

    韓國真是一個快樂的土地,川澤廣大,鲂肥美,麀鹿衆多,另外還有熊有罴,有貓有虎。

    她嫁到這樣好的地方,真是可喜可賀,韓姞從此快樂而幸福了。

     溥:大也。

    燕師:燕國的衆人。

    時:是也。

    奄受:盡受也。

    墉:築城。

    壑:深其池也。

    畝:丈量其田地。

    藉:收斂其賦稅。

    貔皮:猛獸之皮也。

    貔,音皮。

    溥彼韓城,燕師所完。

    以先祖受命,因時百蠻。

    王錫韓侯,其追其貊。

    奄受北國,因以其伯。

    實墉實壑,實畝實藉。

    獻其貔皮,赤豹黃罴。

     今譯 大哉韓國之城,是燕國的衆人所營建的。

    因為韓之先祖有功,故王命韓侯為北方百蠻之長,所有北方追貊的蠻族,盡受其統治。

    于是乎就築其城,濬其池,丈量其土地,規定其賦稅,而立國之規模,遂奠其基。

    韓侯每年獻其貔皮、赤豹、黃罴,以修貢職于王室。

     (八)江漢 這是贊美召公平淮夷之詩。

     浮浮:流動的樣子。

    滔滔:浩浩蕩蕩的樣子。

    求:搜索。

    鋪:平服也。

    江漢浮浮,武夫滔滔。

    匪安匪遊,淮夷來求。

    既出我車,既設我[12]。

    匪安匪舒,淮夷來鋪。

     今譯 江漢浮浮地流動,武夫浩浩蕩蕩地出征,不敢安逸,不敢戲嬉,一心一意唯在搜索淮夷。

    既然出動了我們的車子,既然豎起了我們的旗幟,不敢安逸不敢怠緩,一心一意唯在平服淮夷。

     湯湯:音傷,水流的聲音。

    洸洸:勇武的樣子。

    經營:幹事業。

    成:成功。

    時:是。

    載甯:乃甯。

    江漢湯湯,武夫洸洸。

    經營四方,告成于王。

    四方既平,王國庶定。

    時靡有争,王心載甯。

     今譯 江漢湯湯地流動,武夫勇敢地出征,經營四方,而告成功于王。

    四方既然平服,王國因而安定。

    天下太平,沒有戰争,君王内心才算安甯。

     浒:水岸。

    召虎:召穆公名虎。

    辟:開辟也。

    徹:丈量其土田,區劃其疆界,以定賦役。

    疚:病也。

    棘:急切,騷擾。

    來極:是極,以王國的一切制度為準繩。

    江漢之浒,王命召虎:式辟四方,徹我疆土。

    匪疚匪棘,王國來極。

    于疆于理,至于南海。

     今譯 王命召虎,就江漢之濱,向外拓展以開辟四方,區劃疆界,丈量土地,以規定賦役之征收。

    這并不是為害淮夷,擾亂淮夷,乃是要以王國的一切制度為準繩,而奠定統一的規模。

    要劃其疆界,理其土田,直到南海為止。

     旬:同“徇”,巡視也。

    似:同“嗣”,繼續也。

    戎公:戎工,軍事工作。

    又一種解釋,将戎字解為“汝”,就是你的工作。

    事實上,召公的工作,不限于軍事,故采用“汝”之意義。

    祉:福也。

    王命召虎,來旬來宣,“文武受命,召公維翰。

    無曰予小子,召公是似。

    肇敏戎公,用錫爾祉。

    ” 今譯 王命召虎,巡視江漢各地,并宣達王命。

    王命谕召虎說:“文王武王受天之命而為天子,召公乃是桢幹。

    你不要說‘我是小子,怎敢與召公相比?’。

    你應當繼續召公的功業。

    你要積極地完成你的工作,我便賞賜你以多福。

    ” 釐:音離,賜也。

    圭瓒:瓒,音贊,祭祀時灌酒之器皿。

    以圭為柄之瓒,曰圭瓒。

    秬鬯:用黑黍釀造之酒,祭時用于降神。

    秬,音巨。

    鬯,音暢。

    卣:音酉,酒器。

    文人:有文德之先祖。

    周:岐周。

    自召祖命:用召康公受封時的禮節。

    稽首:叩頭至地也。

    此章叙述王賜召公策命之詞。

    “釐爾圭瓒,秬鬯一卣。

    告于文人,錫山土田。

    于周受命,自召祖命。

    ”虎拜稽首:“天子萬年。

    ” 今譯 “賞賜你以圭瓒秬鬯,使你祭告于你的祖先。

    又賞賜你以山川土田,以擴大你的封邑。

    這項頒封典禮,在岐周之廟舉行,以文王當年頒封你之先人康公的隆重典禮,來頒封你,你就可以理解其意義之重大了。

    ”召公叩頭,敬祝:“天子萬年。

    ” 對揚王休:對答并稱揚王之美命。

    作召公考:作康公之廟器而勒記王之策命,并為詞以頌王。

    考者,頌禱之詞也。

    矢:展施,敷布。

    洽:協和也。

    虎拜稽首,對揚王休,作召公考:“天子萬壽。

    明明天子,令聞不已。

    矢其文德,洽此四國。

    ” 今譯 召公叩首,感謝并稱揚王之美命,于是作康公之廟器,而勒記王之策命,并為詞以頌王,其詞曰:“天子萬年,長壽無疆。

    明明天子,美好的聲譽永遠不已,敷布文德,以協和四方的國家。

    ” (九)常武 這是贊美宣王自将伐徐成功之詩。

     南仲:大将之名。

    大祖:太祖之廟。

    大,音太。

    大師:相當于參謀長之職。

    大,音太。

    六師:天子之六軍。

    戎:兵器。

    敬:儆也,亦作警戒之意。

    赫赫明明,王命卿士,南仲大祖,大師皇父,整我六師,以脩我戎。

    既敬既戒,惠此南國。

     今譯 王命赫赫而明顯,命将帥于太祖之廟,以南仲為元帥,以皇父為太師。

    整頓我們的六軍,修理我們的兵器,以讨伐徐戎。

    囑咐大家要敬謹從事,提高警覺,平定暴亂,以加惠于南方之國。

     尹氏:太師皇父,據《竹書紀年》“幽王元年,王錫太師尹氏皇父命”,可見皇父實為尹氏。

    程伯休父:程,國名。

    伯,爵級也。

    休父,程伯之名也。

    當時為大司馬。

    左右陳行:左右陳其行列。

    率彼淮浦:循着淮水的邊岸。

    省此徐土:省,視也。

    徐土,徐州之境地也。

    不留不處:積極的軍事動員之意。

    不留,不得遲疑滞留,逗留。

    不處,不得安閑,逸居
0.078265s