卷五·詞賦之屬上編三(上)

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盧、赫胥④,羲農、有熊⑤。

    雖自以為道,洪化以為隆。

    世笃玄同⑥,奚遽不能與之踵武而齊其風⑦?以上禅位于晉。

     【注釋】 ①沖:深。

     ②亘:超邁。

    卷領:古代王者的一種服飾。

    結繩:結繩記事的遠古時代。

     ③睠:顧,望。

    留:留意。

    重華:虞舜的号。

     ④尊盧、赫胥:皆傳說中的古代帝王名。

     ⑤羲農:伏羲和神農。

    有熊:黃帝的号。

     ⑥玄同:大同。

     ⑦奚遽:為什麼就。

    表示反問。

    遽,遂,就。

    武:足迹。

     【譯文】 “氣數有限定,天祿有終了。

    傳功業于晉,辭謝于萬國。

    皇恩浩蕩,帝德海深。

    讓位天下,自甘為臣。

    獨具美好操行,不似百王庸庸。

    繼承遠古帝王的偉業,效法大舜讓位的壯舉。

    尊盧、赫胥,伏羲、神農,還有黃帝。

    都自認為有道,尊崇德行教化。

    民風誠笃厚實,魏帝怎麼不能與他們一樣光霁日月呢?以上講禅位于晉。

     “是故料其建國①,析其法度,咨其考室②,議其舉厝③。

    複之而無④,申之而有裕⑤。

    非疏粝之士所能精⑥,非鄙俚之言所能具。

    此八句作一結束。

     【注釋】 ①料:計算。

    國:指國都。

     ②考室:宮室落成時所行的祭禮。

     ③舉厝(cuò):措施。

    厝,通“措”。

     ④(yì):厭。

     ⑤申:複,再。

     ⑥疏粝:粗食,喻指低賤之人。

     【譯文】 “所以,計量都城,分析法度,詢問禮數,議論措施。

    重複而不生厭,使用而有餘盈。

    低賤之人不能通曉,鄙俗之言不能表達。

    這八句作一結束。

     “至于山川之倬詭①,物産之魁殊,或名奇而見稱,或實異而可書。

    生生之所常厚②,洵美之所不渝③。

    其中則有鴛鴦、交谷④,虎澗、龍山⑤。

    掘鯉之澱⑥,蓋節之淵⑦。

    精衛⑧,銜木償怨。

    常山、平幹⑨,钜鹿、河間⑩。

    列真非一,往往出焉。

    昌容練色,犢配眉連(11)。

    玄俗無影,木羽偶仙。

    琴高沉水而不濡(12),時乘赤鯉而周旋(13)。

    師門使火以驗術,故将去而林燔(14)。

    易陽壯容(15),衛之稚質(16)。

    邯鄲步(17),趙之鳴瑟。

    真定之梨(18),故安之栗(19)。

    醇酎中山(20),流湎千日(21)。

    淇、洹之筍(22),信都之棗(23)。

    雍丘之粱(24),清流之稻(25)。

    錦繡襄邑(26),羅绮朝歌(27)。

    綿纩房子(28),缣總清河(29)。

    若此之屬,繁富夥夠。

    未可單究,是以抑而未罄也。

    以上山川人物之異。

     【注釋】 ①倬:奇特。

     ②生生:繁衍不絕,進化不已。

     ③洵:誠信。

    渝:違背,變更。

     ④鴛鴦、交谷:皆水名。

    皆在今河北。

     ⑤虎澗:澗名。

    在今河南。

    龍山:山名。

    在今河北。

     ⑥掘鯉:水澱名。

     ⑦蓋節:湖名。

     ⑧(chì):鳥飛的樣子。

     ⑨常山:指常山道人昌容。

    平幹:指平幹仙人師門。

     ⑩钜鹿:指钜鹿仙人木羽。

    河間:指河間仙人玄俗。

     (11)犢、眉連:《列仙傳》中所載的一對仙人。

    犢指仙人犢子。

     (12)琴高:仙人名。

     (13)時:按時。

     (14)燔(fán):燒。

     (15)易:水名。

    壯容:指少女美麗的容貌。

     (16)稚質:指少女的美麗容顔。

     (17)邯鄲:地名。

    (xǐ)步:少女輕快優雅的步伐。

     (18)真定:地名。

     (19)故安:地名。

     (20)中山:地名。

     (21)流湎:飲酒而醉。

     (22)淇:即淇園,地名。

    洹(huán):水名。

     (23)信都:地名。

     (24)雍丘:地名。

     (25)清流:地名。

     (26)襄邑:地名。

     (27)朝歌:地名。

    殷都城。

     (28)綿纩(kuànɡ):絲綿絮。

    房子:地名。

     (29)缣(jiān)總:輕而細的絲絹。

    清河:地名。

     【譯文】 “還有山川的奇妙,物産的豐饒特殊,有的因奇名著稱,有的因質異被記載。

    這是大自然的恩厚,如此美好難以更改。

    此處還有鴛鴦、交谷河,虎澗、龍山。

    掘鯉水澱,蓋節湖淵。

    精衛鳥飛響,銜木填海以報怨。

    常山仙人昌容、平幹仙人師門,钜鹿仙人木羽,河間仙人玄俗。

    列仙非一人,翩翩出此間。

    昌容練色而不老,犢子婚配眉連女。

    玄俗日下不留影,木羽攜童共成仙。

    趙國琴高入水而不濕,按時乘騎赤鯉返人間。

    師門用火顯神術,離開人間燒山林。

    易水之陽産美女,衛地少女好容顔。

    邯鄲人步态優美,趙國人擅長彈琴。

    真定梨脆酥口,故安栗香沁人。

    中山美酒,一醉千日。

    淇園、洹水竹筍,信都大棗。

    雍丘谷子,清流稻米。

    襄邑錦繡,朝歌羅绮。

    房子絲綿,清河細絹。

    諸如此類,繁富衆多。

    不能一一列舉,所以就此打住不再盡數了。

    以上講各地山川人物的不同。

     “蓋比物以錯辭①,述清都之閑麗②。

    雖選言以簡章,徒九複而遺旨③。

    覽大《易》與《春秋》,判殊隐而一緻④。

    末《上林》之牆⑤,本前修以作系⑥。

    八句言此賦不貴麗而貴則。

     【注釋】 ①錯:通“措”。

     ②清都:指魏都。

    閑:大,壯。

     ③旨:美。

     ④判殊隐而一緻:指《易》和《春秋》雖有隐顯之别,但合德如一。

     ⑤末:以為末事,即認為不足取。

    《上林》:即司馬相如的《上林賦》。

     ⑥前修:前賢。

    系:繼承。

     【譯文】 “選文辭類比事物,描繪魏都的壯麗。

    精選辭藻而妙成章句,多次重複也難盡美。

    披覽大《易》與《春秋》,意有顯隐善德同。

    《上林》的“牆填塹”不可取,先賢之道奉為圭臬。

    以上八句是想要表明這篇賦不求辭藻華麗而重在表達基本精神。

     “其軍容弗犯①,信其果毅②。

    糾華綏戎③,以戴公室。

    元勳配管敬之績④,歌鐘析邦君之肆⑤,則魏绛之賢,有令聞也⑥。

    閑居隘巷,室迩心遐,富仁寵義,職競弗羅,千乘為之轼廬⑦,諸侯為之止戈,則幹木之德⑧,自解紛也。

    貴非吾尊,重士逾山,親禦監門⑨,嗛嗛同軒⑩,搦秦起趙(11),威振八蕃,則信陵之名(12),若蘭芬也。

    英辯榮枯(13),能濟其厄,位加将相,窒隙之策,四海齊鋒(14),一口所敵,張儀、張祿(15),亦足雲也。

    以上數魏之五傑。

     【注釋】 ①軍容弗犯:指春秋時晉國大夫魏绛深受晉國君主信賴。

    《國語·晉語》載:“公以魏绛為弗犯,使佐新軍。

    ”弗犯,指不可犯以罪。

     ②信:申。

     ③綏:安撫。

    戎:即戎狄。

     ④管敬:即管仲。

    管仲谥号敬。

     ⑤歌鐘:即編鐘。

    析:分。

    邦君:國君,此指晉悼公。

    肆:懸鐘十六為一肆。

    《國語·晉語》載,鄭伯進獻晉悼公歌鐘二肆,晉悼公賜魏绛一肆。

     ⑥令聞:美好名聲。

     ⑦轼廬:面對房屋憑轼緻敬。

     ⑧幹木:指段幹木,戰國時魏國隐士。

     ⑨監門:看城門的人,此指侯嬴。

     ⑩嗛嗛(qiān):即謙謙。

     (11)搦(nuò):按抑。

     (12)信陵:指信陵君,即魏國公子無忌。

     (13)英辯榮枯:英雄辯說,榮枯在于一朝。

     (14)四海齊鋒:指諸侯連橫,聯合攻秦。

     (15)張儀:戰國魏人,曾為秦相。

    張祿:戰國魏人範雎的化名。

    範雎也曾做過秦相。

     【譯文】 “魏绛統軍,不可幹犯,伸張勇毅。

    糾察華夏安撫夷狄,擁戴王室。

    其功勳可比管仲,君王賜歌鐘女樂,于是他賢名遠揚。

    魏段幹木,閑居陋巷,居俗心清,愛仁崇義,不屑官稱,魏文侯憑轼緻敬,諸侯國停止攻魏,這是幹木德行制止紛争。

    魏國無忌,不以高貴自傲,禮賢下士,親自為門客駕車,謙遜與侯嬴同車,抑強秦而救趙,威震四面八方,這是信陵君芳名如蘭吐香啊。

    張儀、張祿,雄辯得志,才華濟世,能使厄運轉變,位至将相,懷解危之策,以善辯之口,敵天下刀劍,此二人也值得一提。

    以上曆數曆史上魏地的五位傑出人物。

     “搉惟庸蜀與鸲鵲同窠①,句吳與蛙黾同穴②。

    一自以為禽鳥,一自以為魚鼈。

    山阜猥積而踦③,泉流迸集而咉咽。

    隰壤瀸漏而沮洳④,林薮石留而蕪穢⑤。

    窮岫洩雲⑥,日月恒翳。

    宅土熇暑⑦,封疆障疠⑧。

    蔡莽螫刺⑨,昆蟲毒噬。

    漢罪流禦⑩,秦餘徙(11)。

    宵貌蕞陋(12),禀質遳脆(13)。

    巷無杼首(14),裡罕耆耋(15)。

    或魋髻而左言(16),或镂膚而鑽發(17)。

    或明發而嬥歌(18),或浮泳而卒歲。

    風俗以韰果為婳(19),人物以戕害為藝。

    威儀所不攝,憲章所不綴(20)。

    由重山之束阨(21),因長川之裾勢(22)。

    距遠關以窺(23),時高巢而陛制(24)。

    薄戍綿幂(25),無異蛛蝥之網(26);弱卒瑣甲,無異螳螂之衛。

    與先世而常然(27),雖信險而剿絕。

    揆既往之前迹,即将來之後轍。

    成都迄已傾覆,建邺則亦颠沛。

    顧非累卵于疊棋,焉至觀形而懷怛(28)?權假日以餘榮,比朝華而菴藹(29)。

    覽《麥秀》與《黍離》(30),可作謠于吳會(31)。

    ”以上譏蜀、吳之陋。

     【注釋】 ①搉(què)惟:發語詞,有“大凡”“大抵”之意。

    庸:古國名。

    楚之屬國。

    鸲(qú):鳥名。

     ②句吳:地名。

    此指東吳。

    蛙黾(měnɡ):蛤蟆。

     ③踦:同“崎岖”。

     ④瀸(jiān):浸潤。

    沮洳(jùrù):地低而濕。

     ⑤石留:土地多石。

     ⑥窮岫:高山。

     ⑦熇(xiāo)暑:酷熱。

     ⑧封疆:邊界。

    障:通“瘴”。

    瘴氣。

    疠:嚴重的瘟疫。

     ⑨蔡莽:野草。

    螫(shì)刺:毒草刺人。

     ⑩流:流放。

    禦:抵禦魑魅。

     (11)(lì):餘,後裔。

     (12)宵:通“肖”。

    衰微。

    蕞(zuì):小的樣子。

     (13)遳(cuō)脆:脆弱。

     (14)杼首:長首,古人認為的長壽之相。

     (15)耆耋(qídié):對年老長者的稱謂。

     (16)魋(chuí)髻:即椎髻。

    左:相左,不一樣。

     (17)鑽發:斷發。

     (18)明發:黎明。

    嬥(tiǎo)歌:手拉手唱歌跳舞。

     (19)韰(xiè)果:心地偏狹而行為果敢。

    婳(huà):靜好。

     (20)綴:連,約束。

     (21)束阨:群山相集而自成要隘。

     (22)裾:通“據”。

     (23)窺(yú):窺視。

     (24)時:通“跱”。

    踞。

    高巢:比喻地勢山川險要。

    陛制:牽制。

     (25)綿幂:弱小。

     (26)蝥(máo):蟲名。

     (27)與:語助詞。

     (28)怛(dá):恐懼。

     (29)朝華:朝開暮謝的木槿花。

    菴藹:茂盛的樣子。

     (30)《麥秀》《黍離》:皆古代抒發亡國之痛的詩篇。

     (31)吳會(kuài):地名。

    此代指東吳。

     【譯文】 “其實,蜀漢地狹多山好似與鸲鵲同巢,東吳地少多水恰如與蛤蟆同穴。

    或認為自己為禽鳥,或認為自己為魚鼈。

    或是山巒猥縮崎岖,或是泉水阻塞嗚咽。

    或是漏水滲入成濕地,或是遍山林木地荒蕪。

    深山雲蒸,日月昏陰。

    房中酷熱,邊疆瘴疫。

    毒草生刺螫人,昆蟲含毒噬人。

    漢代罪犯流放于此,秦犯後裔生息此地。

    相貌醜陋矮小,生性軟薄脆弱。

    巷裡無長壽相,裡中少老年人。

    有人椎髻束發不識文字,有人刺文身斷頭發。

    有人清晨唱歌跳舞,有人終年江湖泛舟。

    以果敢猛烈風俗為美,以戕殺害人之人為妙。

    威儀不振,憲章不嚴。

    借重山相聚的要塞之險,憑依長河水流的地理形勢。

    據遠關觊觎内地,借高地實行統治。

    戍守細弱而綿軟,恰似蛛網揮即去;士卒軟弱兵甲差,無異螳螂擋巨車。

    曆朝曆代都是一樣,僅恃險絕難免破滅。

    既往之曆史,來日之後轍。

    成都業已傾覆,建邺也被剿滅。

    危若累卵棋子之上,怎能不看形勢心畏懼?暫借太陽餘輝,苟延殘喘,如同晨花夜凋的木槿。

    看看前人所作的《麥秀》和《黍離》,就知東吳将唱亡國歌。

    ”以上譏諷蜀、吳的寡陋。

     先生之言未卒,吳、蜀二客焉相顧①,焉失所②,有瞢容③,神惢形茹④,弛氣離坐,墨而謝曰⑤:“仆黨清狂⑥,怵迫閩濮⑦。

    習蓼蟲之忘辛⑧,玩進退之維谷。

    非常寐而無覺,不睹皇輿之軌躅⑨。

    過以剽之單慧⑩,曆執古之醇聽(11)。

    兼重悂以缪(12),偭辰光而罔定(13)。

    先生玄識(14),深頌靡測(15)。

    得聞上德之至盛,匪同憂于有聖(16)。

    抑若春霆發響,而驚蟄飛競;潛龍浮景(17),而幽泉高鏡。

    雖星有風雨之好,人有異同之性,庶觌蔀家與剝廬(18),非蘇世而居正(19)。

    且夫寒谷豐黍(20),吹律暖之也(21);昏情爽曙,箴規顯之也。

    雖明珠兼寸,尺璧有盈,曜車二六,三傾五城,未若申錫典章之為遠也(22)。

    亮曰日不雙麗(23),世不兩帝,天經地緯,理有大歸,安得齊給守其小辯也哉(24)!” 【注釋】 ①(huò):驚視的樣子。

     ②(tī):失意而視。

     ③(tiǎn):慚愧,面有愧色。

    瞢(ménɡ):羞愧。

     ④惢(ruǐ):字亦作“蕊”,沮喪貌。

    茹:因心情壓抑而臉色憔悴。

     ⑤(tiǎn)墨:因羞愧而臉色發黑。

     ⑥仆黨:我們這幫人。

    謙卑的說法。

    清狂:放逸不羁。

     ⑦怵(xù)迫:被利誘和逼迫。

    閩:地名。

    此指吳。

    濮:古國名。

    此指蜀。

     ⑧蓼(liǎo)蟲:吃蓼草的蟲子。

    蓼草葉子有辣味。

     ⑨軌躅(zhú):軌迹。

     ⑩過:誤。

    (fàn)剽:輕薄。

    單慧:小才。

     (11)執古:秉承古道。

    醇聽:聽取純正忠厚的道理。

     (12)悂(pī):用心錯誤。

    (yì):重複。

    缪:謬論。

     (13)偭(miǎn):面向。

     (14)玄識:高見卓識。

     (15)深頌:高深寬廣。

     (16)匪:語氣詞。

    一說為“豈非”之意。

     (17)景:後多作“影”。

     (18)庶:幸。

    蔀(bù)家:豪富之家。

    剝廬:小民貧困之居所。

     (19)蘇世:明白時事。

    居正:居于正道。

     (20)寒谷:古代燕地谷名。

     (21)吹律暖之:據劉向《别錄》載,寒谷本不生五谷,鄒衍吹律,暖氣至,遂生黍。

    律,古代指定音器,此代指音樂。

     (22)申錫:申明賜教。

    錫,通“賜”。

     (23)亮:信,誠然。

     (24)齊給:辯說。

     【譯文】 魏國先生話沒說完,吳、蜀二客驚懼相望,面容羞愧,精神萎靡,身體癱軟,氣神渙散,離座而起,羞愧難當,臉色變黑,他們道歉道:“我們無知狂妄,迫處吳蜀。

    如食蓼草之蟲忘其辛辣,身入山谷進退無依。

    不知是非昏明,不見皇輿軌迹。

    誤耍聰明而顯輕薄,聽醇厚道理始知是非。

    錯誤謬誤壓在身,先生如光照我,使我心神難定。

    先生學識深湛,莫測高深。

    有緣知道上皇盛德,先生憂慮天下之心如同聖人。

    如春雷震響,似驚蟄飛競;如深水潛龍飛出水來,似深泉水落懸明鏡。

    好風好雨有星兆,人之性格有異同,有幸看到豪貴之家與貧賤陋居的區别,知道自己不明正道是非和世情。

    寒谷五谷豐登,全仗音律送暖至;昏愦得照曙光爽,先生箴規效果明。

    雖然明珠徑寸,尺璧有盈,光照十二車,可換十五城,也不如先生賜教的典章禮儀之功用長遠啊。

    确實是蒼天無二日同輝,人世不同時兩帝,天地之道,理所當然,萬事萬物,天人歸心,我們怎能強詞奪理,堅守末道謬言呢?” 潘嶽 潘嶽(247—300),字安仁,荥陽中牟(今屬河南)人。

    任河陽(今河南孟州)令,在縣中滿種桃李,一時傳為美談。

    累官至給事黃門侍郎,人稱潘黃門。

    西晉文學家。

    工于詩賦,辭藻豔麗,長于筆劄哀诔之體,所著以《悼亡》詩三首最為知名。

    潘嶽與石崇等谄事賈谧,居谧門二十四友之首。

    及趙王任專政,中書令孫秀誣以謀反,族誅。

    《晉書》有其傳,明人輯有《潘黃門集》。

     西征賦 【題解】 本篇是潘嶽史詩般的長賦之一。

    作者用政治家和詩人的雙重目光觀察西周至秦漢曆史,對重要史實及人物,予以極富個性的評價。

    文辭豔而有實,用典多而不晦,在藝術上亦突破了漢賦的一些陳規,對後代賦體的創新産生了一定的影響。

     歲次玄枵①,月旅蕤賓②,丙丁統日,乙未禦辰,潘子憑轼西征,自京徂秦,乃喟然歎曰: 【注釋】 ①玄枵(xiāo):本是星宿名,在歲星紀年法中,用作位次。

     ②蕤(ruí)賓:十二律之一。

    這是以十二樂律配月,蕤賓配五月。

     【譯文】 歲星越過玄枵的分野,月亮旅居蕤賓的位置,時在西晉元康二年五月乙未日,潘子登車西行,自京城洛陽至秦朝故地長安,喟然而歎道: 古往今來,邈矣悠哉!寥廓惚恍,化一氣而甄三才①。

    此三才者,天、地、人道。

    唯生與位,謂之大寶。

    生有修短之命,位有通塞之遇。

    鬼神莫能要②,聖智弗能豫③。

    當休明之盛世,托菲薄之陋質④。

    納旌弓于铉台⑤,贊庶績于帝室。

    嗟鄙夫之常累,固既得而患失。

    無柳季之直道⑥,佐士師而一黜⑦。

    武皇忽其升遐⑧,八音遏于四海⑨。

    天子寝于諒⑩,百官聽于冢宰。

    彼負荷之殊重,雖伊、周其猶殆。

    窺七貴于漢庭,诪一姓之或在(11)?無危明以安位,隻居逼以示專。

    陷亂逆以受戮,匪禍降之自天。

    孔随時以行藏(12),蘧與國而舒卷(13)。

    苟蔽微以缪章(14),患過辟之未遠。

    悟山潛之逸士,卓長往而不反。

    陋吾人之拘攣(15),飄萍浮而蓬轉。

    寮位儡其隆替(16),名節漼以隳落(17)。

    危素卵之累殼,甚玄燕之巢幕。

    心戰懼以兢悚,如臨深而履薄。

    夕獲歸于都外,宵未中而難作。

    匪擇木以栖集,鮮林焚而鳥存。

    以上言遭楊駿之難。

     【注釋】 ①甄:本意是瓦器,這裡有創造、造成之意。

     ②要(yāo):相約。

     ③豫:預測。

     ④陋質:孤陋淺薄之才。

    此處是作者自謙,說自己沒有才幹。

     ⑤旌弓:旌旗與弓矢,均是招聘賢才的象征。

    铉台:宰相的别稱。

     ⑥柳季:即春秋時魯大夫柳下惠,字季,因食邑柳下,谥惠,故稱“柳下惠”。

     ⑦士師:古代執掌禁令刑獄的官名。

    潘嶽曾任廷尉的屬官,不久便免職。

     ⑧武皇:指晉武帝司馬炎。

     ⑨八音:金、石、絲、竹、匏、土、革、木制成的八種樂器。

    這裡指各種音響。

     ⑩天子:指晉武帝之子晉惠帝司馬衷。

    諒(àn):居喪時所住的房子。

    借指居喪,多用于皇帝。

     (11)窺七貴于漢庭,诪(chóu)一姓之或在:此二句言外之意:外戚擅權,沒有善終。

    揚駿是晉武帝楊皇後的父親,屬後黨,因此潘嶽有如此說法。

    七貴,指西漢七家外戚,即呂、霍、上官、丁、趙、傅、王七姓,後皆因權重而受誅,無一姓幸存。

    诪,通“疇”。

    誰。

     (12)孔:指孔丘。

    随時以行藏:《論語·述而》子謂顔淵曰:“用之則行,舍之則藏,惟我與爾有是夫!” (13)蘧(qú):指春秋時蘧伯玉。

     (14)蔽微:不能覺察隐微之事。

    缪章:把明顯的東西看錯了。

     (15)拘攣(luán):拘束。

     (16)寮:官僚。

    儡(léi):崩潰的樣子。

    隆替:盛衰。

    這裡指從高處倒下來。

     (17)漼(cuī):通“摧”。

    摧毀,破壞。

     【譯文】 古往今來,相距何其遙遠!悠遠混沌的寰宇原由原始的一氣孵生三才。

    所謂三才,即是天、地、人各依其規律運行。

    人們愛把壽命和祿位視為生之最重要者。

    然生命有短長,祿位有升降。

    這類事情雖鬼神亦未必能先蔔知,聖賢也不能預測。

    而今欣逢太平盛世,我雖然資質淺陋,才情凡薄,也曾經受到過宰執招聘,在宮廷裡做些許雜事。

    可歎自己尚未脫離凡夫所犯之病,得到一官半職便唯恐丢掉。

    因為沒有柳下惠那般的爽直,所以輔佐士師時也難免被黜退過一次。

    大晉武皇帝忽然歸向西天,四海為之廢樂,哀聲切切。

    剛剛嗣位的天子正在居喪,百官群僚受命于冢宰楊駿。

    楊駿所負的責任确實重大,即使其賢能如伊尹、周公,也會陷入危險之中。

    回觀漢代七家顯貴的外戚,如今哪家能安然無損呢?沒有思危之明而安居于高位,反而逼近君位而濫示個人威權。

    如此自難免除陷入逆亂之中而遭受殺戮,這本是咎由自取,而非禍從天降。

    孔子視天下治亂而決定自己是入世還是歸隐,蘧伯玉根據君主有道與否而考慮做官或歸田。

    倘若不善于明察秋毫而錯誤地自我表彰的話,恐怕罪過就在眼前了。

    由此可知荒野隐居之士為何遠離是非之地。

    我等鄙陋之人一旦為名利所牽即如浮萍一樣飄然不定。

    官位驟然跌下,名譽節操也随着損壞。

    今日之處境好似壘起雞卵,比玄燕巢于帷幕還要危險。

    心情戰栗而恐懼,如同臨近深淵,行于薄冰之上。

    傍晚出城回家,未至半夜禍難便發生了。

    這不是鳥兒選錯了樹木而栖息的問題,而是樹林被焚毀,鳥兒根本就無法生存。

    以上叙述遭楊駿之難。

     遭千載之嘉會,皇合德于乾坤。

    弛秋霜之嚴威,流春澤之渥恩。

    甄大義以明責①,反初服于私門②。

    皇鑒揆餘之忠誠③,俄命餘以末班。

    牧疲人于西夏,攜老幼而入關。

    丘去魯而顧歎④,季過沛而涕零⑤。

    伊故鄉之可懷,疚聖達之幽情。

    矧匹夫之安土⑥,邈投身于鎬京!猶犬馬之戀主,竊托慕于阙庭。

    眷鞏、洛而掩涕,思纏綿于墳茔。

    以上言授長安令,将西征而戀阙。

     【注釋】 ①甄:表明。

     ②初服:未入仕時的服裝,與“朝服”相對。

     ③鑒揆(kuí):鑒察。

     ④丘:即孔丘。

    《韓詩外傳》載,孔子離開魯國,戀戀不舍,反複顧歎。

     ⑤季:即劉邦。

    《漢書·高祖紀》言,劉邦晚年回故鄉,慷慨傷懷,泣下數行,并說“遊子悲故鄉”。

     ⑥矧(shěn):況且。

     【譯文】 欣逢千載難逢的好時運,浩蕩皇恩堪容宇宙。

    皇帝改變秋霜般的威嚴,傳布着春澤般的厚恩。

    深明大義而知責任,我削官為民回到家中。

    聖皇明察,知我心忠誠,不久又讓我忝陪于群僚之末。

    被派遣到西部地區治理疲困的百姓,于是我隻好扶老攜幼來到了函谷關之西。

    如孔丘離開魯國般的依依回首,又似劉邦路過故鄉沛邑般的感慨涕零。

    故鄉着實令人難以忘懷,即便是聖達之士,辭别故鄉時也難免落淚傷懷。

    何況我一介匹夫,情系故土卻又要遠遠地離開家鄉,投身長安呢?好似犬馬留戀它的主人,我的心寄托在朝廷。

    眷戀鞏、洛追念祖先,傷心落淚,伏首墳茔,久久不忍離去。

    以上講被授長安令,将要西征但眷戀都城。

     爾乃越平樂①,過街郵②,秣馬臯門③,稅駕西周④。

    對洛陽之東周言,則長安為西周;對鞏縣之東周言,則洛邑為西周。

    遠矣姬德⑤,興自高辛⑥,思文後稷⑦,厥初生民⑧。

    率西水浒⑨,化流岐、豳⑩。

    祚隆昌、發(11),舊邦維新(12)。

    旋牧野而曆茲(13),愈守柔以執競(14)。

    夜申旦而不寐(15),憂天保之未定。

    惟泰山其猶危,祀八百而餘慶。

    鑒亡王之驕淫(16),竄南巢以投命(17)。

    坐積薪以待然(18),方指日而比盛。

    人度量之乖舛(19),何相越之遼迥!考土中于斯邑(20),成建都而營築。

    既定鼎于郏鄏(21),遂鑽龜而啟繇(22)。

    平失道而來遷(23),繄二國而是祐(24)。

    豈時王之無僻(25)?賴先哲以長懋(26)。

    以上洛陽。

     【注釋】 ①平樂:漢代宮觀名。

     ②街郵:古亭名。

     ③秣(mò)馬:飼馬,用草料喂馬。

    臯門:古時王宮的外門。

     ④稅(tuō)駕:解駕,停車。

    稅,通“脫”。

    西周:指周都鎬京。

     ⑤姬:周王室為姬姓。

     ⑥高辛:上古帝喾之号,堯之父。

     ⑦後稷:周的始祖,為帝喾與姜嫄所生。

     ⑧厥初生民:語出《詩經·大雅·生民》:“厥初生民,時維姜嫄。

    ”厥,其。

    初,始。

    生民,指後稷,為姜嫄所生。

     ⑨率西水浒:語出《詩經·大雅·綿》:“古公亶父,來朝走馬,率西水浒,至于岐下。

    ”率,沿着。

    水浒,水邊。

    指漆、沮二水。

     ⑩化流:德化傳布。

    岐:指岐山,在今陝西。

    豳(bīn):古地名。

    在今陝西旬邑境内。

     (11)祚(zuò):福。

    昌:周文王之名。

    發:周武王之名。

     (12)舊邦維新:語出《詩經·大雅·文王》:“周雖舊邦,其命維新。

    ”舊邦,故國,指周在殷商時就是諸侯國。

     (13)旋:歸來。

    牧野:武王伐纣的戰場。

     (14)執競:保持強盛。

     (15)申旦:自夜達旦,即通宵。

     (16)鑒:照。

    亡王:指夏桀。

     (17)竄:敗走。

    南巢:地名。

    在今安徽巢湖西南。

    投命:亡命。

     (18)然:“燃”的古字。

     (19)乖舛:差異。

     (20)考:考定。

    土中:指四方的中央。

    斯邑:指洛陽。

     (21)郏鄏(jiárǔ):周之洛邑,春秋時稱為王城。

     (22)鑽龜:占蔔。

    繇(zhòu):占蔔辭。

     (23)平:指周平王。

     (24)繄(yī):語氣詞。

    二國:指晉、鄭兩個諸侯國。

    祐:幫助。

     (25)僻:邪僻。

     (26)懋:隆。

     【譯文】 而後越過平樂,路過街郵,在臯門喂馬,停車憩息于西周故地。

    以洛陽為東周,則長安為西周;以鞏縣為東周,則洛邑為西周。

    周代的曆史十分悠久,自高辛氏時始興,至後稷時已初備文德,而後世代相傳了下來。

    古公亶父沿着西邊的河岸而來,德化到岐、豳。

    其所開創的事業在周文王、周武王時已臻于興隆,古老的侯國終于強盛了起來。

    而後武王伐纣從牧野歸來經過岐、豳,更加堅守柔韌之道,自強不息,以保持王朝的強盛。

    他通宵達旦,夜不成寐,時刻擔心着上天施予周朝的宏福是否已确定。

    即便在強盛的王權已穩如泰山之時,他還擔心是否會有不測之禍。

    故而,周朝享有了八百年的國運,且還留下了積善之家所常有的餘慶。

    由此反觀逃竄南巢的亡國之君夏桀,他即使是坐于柴火之上就要被人點火燒死的時候,還指日比盛,了無憂患之心。

    兩相比較,不能不讓人感到,人們對事物的估量是何其不同,它們的差别又是何其遙遠!周公考定洛邑為天下中心,成王決定營建東都洛陽。

    一定鼎郏鄏,即用鑽龜占蔔其得失。

    周平王失道從鎬京遷到洛邑,唯有晉、鄭兩個侯國給予了支援。

    難道當時沒有邪僻的君主嗎?是依賴先代聖王庇護而得以興旺。

    以上洛陽。

     望圉、北之兩門①,感虢、鄭之納惠②。

    讨子頹之樂禍③,尤阙西之效戾④。

    重戮帶以定襄⑤,宏大順以霸世⑥。

    靈壅川以止鬥⑦,晉演義以獻說⑧。

    咨景、悼以迄丐⑨,政淩遲而彌季⑩。

    俾庶朝之構逆(11),曆兩王而幹位(12)。

    逾十葉以逮赧(13),邦分崩而為二。

    竟橫噬于虎口(14),輸文、武之神器(15)。

    澡孝水而濯纓(16),嘉美名之在茲。

    夭赤子于新安(17),坎路側而瘗之(18)。

    亭有千秋之号,子無七旬之期(19)。

    雖勉勵于延、吳(20),實潛恸乎餘慈(21)!眄山川以懷古(22),怅攬辔于中塗。

    虐項氏之肆暴(23),坑降卒之無辜(24)。

    激秦人以歸德,成劉後之來蘇(25)。

    事回泬而好還(26),卒宗滅而身屠(27)。

    以上新安。

     【注釋】 ①圉(yǔ)、北:周朝的兩個城門。

     ②惠:指周惠王。

     ③子頹:周莊王庶子。

     ④尤:譴責。

    效:效法。

    戾:罪惡。

     ⑤重:指晉文公重耳。

    帶:指太叔帶,是周襄王的弟弟。

    襄:指周襄王。

     ⑥宏:推廣。

    大順:指順應倫常天道。

     ⑦靈:指周靈王。

    壅:阻塞。

    川:指谷水和洛水。

     ⑧晉:指周靈王的太子晉。

    演義:闡發義理。

    獻說:進言,進谏。

     ⑨咨:嗟歎。

    景:指周景王。

    悼:指王子猛,景王之子,是敬王的同母兄,即位不久即死。

    丐:指敬王,景王子。

     ⑩淩遲:衰敗。

    彌:更加。

    季:末世。

     (11)俾(bǐ):使。

    庶朝:指周景王庶出的長子王子朝。

    構逆:發動叛亂。

     (12)兩王:指周悼王和周敬王。

    幹位:篡奪王位。

     (13)十葉:十代。

    逮:到。

    赧:指周赧王。

     (14)虎口:比喻秦國。

     (15)文、武:指周文王和周武王。

    神器:代表國家政權的玉玺、寶鼎等。

     (16)孝水:水名。

    在洛陽西。

    濯纓:清洗衣冠。

    語出《孟子·離婁上》:“滄浪之水清兮,可以濯我纓。

    ” (17)夭:夭折。

    赤子:指嬰兒。

    新安:地名。

    在今河南。

     (18)坎:挖坑。

    瘗(yì):埋。

     (19)七旬:七十天。

     (20)延:指春秋時的延陵季子,即吳國的季劄。

    吳:指魏人東門吳。

    這兩人都是兒子死了而不憂傷。

     (21)潛:暗地裡。

    恸:悲傷。

     (22)眄(miǎn):瞻望。

     (23)虐:殘暴。

    項氏:指項籍。

     (24)坑:坑殺,活埋。

    無辜:無罪。

     (25)劉後:指漢高祖劉邦,古人稱天子為後。

    來蘇:好的君主來,可以使百姓蘇息。

     (26)回泬(jué):同“回遹”。

    邪僻。

    這句連下句,暗指項羽做盡邪惡之事,而自食其果。

     (27)卒:終于。

     【譯文】 眺望圉、北這兩座門樓,慨歎當年虢公、鄭伯之護送周惠王回國登基。

    鄭伯以樂禍的罪名讨伐子頹,而又效法子頹那樣肆意享樂,也同樣遭到譴責。

    晉文公重耳誅戮太叔帶,援助周襄王,這是助順反逆,因而稱霸于世。

    周靈王築堤修壩,制止谷、洛二水争流,太子晉據理勸谏,懇請不要攔河。

    可歎的是周朝自景王、悼王而至敬王,朝政每況愈下,步步走向衰敗。

    周景王的庶子王子朝制造逆亂,圖謀殺害悼、敬二王,以竊取君權。

    自此而後延續了十代,至周赧王時,天下分崩,遂出現了西周和東周。

    最後終于被如狼似虎般兇暴的秦朝所吞掉,文、武二王傳承下的宏偉基業至此全被斷送。

    在孝水裡清洗衣冠,清除積日的風塵,此河的名字多該值得贊美呀。

    小兒夭折在新安附近,隻好在路邊挖坑掩埋。

    亭子能享千秋之稱号,這孩子卻沒能活到七十天。

    雖然想用季劄和東門吳聊加自勉,然而父子之情難以舍割,心中的傷痛自是無法言喻。

    仰望高山長河而懷古,勒住馬缰,停車中途,心中實茫然而惆怅。

    粗莽的項羽坑殺無辜降卒,是何其暴虐無道。

    這種殘暴的後果隻能促使秦人紛紛歸順于仁德之君,故而成全了其對手劉邦的帝業。

    做盡壞事終難免自食其果,項羽的下場是族滅人亡。

    以上新安。

     經渑池而長想①,停餘車而不進。

    秦虎狼之強國,趙侵弱之餘燼。

    超入險而高會②,杖命世之英蔺③。

    恥東瑟之偏鼓④,提西缶而接刃⑤。

    辱十城之虛壽,奄鹹陽以取俊⑥。

    出申威于河外⑦,何猛氣之咆勃!入屈節于廉公⑧,若四體之無骨。

    處智勇之淵偉,方鄙吝之忿悁⑨。

    雖改日而易歲,無等級以寄言。

    當光武之蒙塵⑩,緻王誅于赤眉(11)。

    異奉辭以伐罪(12),初垂翅于回谿(13)。

    不尤眚以掩德(14),終奮翼而高揮。

    建佐命之元勳(15),振皇綱而更維。

    以上渑池。

     【注釋】 ①渑(miǎn)池:地名。

    在今河南渑池西。

     ②入險而高會:指前279年,趙惠王應秦昭王之約,赴渑池之會,當時秦強趙弱,因此是一件很危險的事。

     ③杖:憑恃。

    命世:著稱于世。

    英蔺:蓋世英才蔺相如。

     ④恥:以……為恥辱。

    東瑟:指趙王為秦王鼓瑟之事。

    東,指趙王。

    偏:單單。

    鼓:彈奏。

     ⑤西缶:指秦王為趙王擊缶之事。

    西,指秦王。

    缶,一種打擊樂器。

    接(chā)刃:同“插刃”。

     ⑥奄:占有。

    取俊:取得優勝。

     ⑦河外:指渑池。

    因在黃河以南,古代稱為河外。

     ⑧廉公:指趙國大将廉頗。

     ⑨方:比較。

    鄙吝:心胸狹隘。

    忿悁(juān):憤怒急躁。

     ⑩光武:指漢光武帝劉秀。

    蒙塵:喻帝王流亡或失敗,遭受垢辱。

     (11)赤眉:漢末農民起義軍。

     (12)異:指馮異。

     (13)垂翅:比喻遭受挫折。

    回谿:地名。

    在今河南宜陽西北。

     (14)眚(shěnɡ):過失。

     (15)佐命:輔佐帝王創業。

    元勳:首功,大功。

     【譯文】 經過渑池而深思,我停下車子,不再前進。

    秦國本是虎狼一般的強國,相比之下,趙國猶如微弱的餘燼。

    趙王進入險境能安然與會,所依仗的正是蓋世英才蔺相如。

    相如以趙王為秦王彈瑟為恥,面對刀斧之逼猶能逼秦王擊缶。

    秦命趙用十座城池為秦王祝壽,藉此侮辱趙國,相如要秦國獻出鹹陽作為交換,于此占了上風。

    伸張威風在黃河之南,其英雄氣概是何等雄壯!而回到朝廷卻自甘曲節于廉頗之下,好像四體無骨一般。

    相如臨事機智而勇敢,多麼深沉而偉大,廉頗為人自私而狹隘,浮躁而淺薄。

    二人氣量何其不可同日而語,即使用一天和一年之别來形容,也不為誇張。

    光武帝面臨漢室衰微,用皇帝的名義攻打赤眉。

    馮異奉命讨伐罪人,初次受挫于回谿。

    然而,皇帝并不責備他的過失而掩蓋他的功德,他最終大獲全勝。

    輔佐劉秀建立了中興漢室之重勳,漢家王朝由此重新振起。

    以上渑池。

     登崤坂之威夷①,仰崇嶺之嵯峨。

    臯托墳于南陵②,文違風于北阿③。

    蹇哭孟以審敗④,襄墨缞以授戈⑤。

    曾隻輪之不返,三帥以濟河⑥。

    值庸主之矜愎,殆肆叔于朝市⑦。

    任好綽其餘裕⑧,獨引過以歸己。

    明三敗而不黜,卒陵晉以雪恥。

    豈虛名之可立?良緻霸其有以⑨!降曲崤而憐虢⑩,托與國于亡虞(11)。

    貪誘賂以賣鄰,不及臘而就拘(12)。

    垂棘反于故府(13),屈産服于晉輿(14)。

    德不建而民無援,仲雍之祀忽諸(15)。

    以上崤坂。

     【注釋】 ①崤(xiáo):崤山。

    威夷:即逶迤。

     ②臯:夏朝一個君主名。

    其墓在崤山的南陵。

     ③文:即周文王。

    據說崤山北陵有周文王避風雨的地方。

    違風:避風。

     ④蹇哭孟:指秦蹇叔之哭孟明。

    審敗:必敗。

     ⑤襄:指晉襄公。

    墨缞(cuī):穿着黑色的喪服。

     ⑥(xiè):捆縛。

    三帥:指秦軍的三位統帥孟明視、西乞術、白乙丙。

     ⑦肆:陳列,指陳屍示衆。

     ⑧任好:秦穆公名。

    綽:寬闊貌。

    餘裕:寬綽有餘,形容胸懷寬廣。

     ⑨有以:猶有因,有道理。

     ⑩曲崤:地名。

    虢:姬姓諸侯國,在今山東平陸境内。

     (11)托:寄身。

    與國:盟國。

    虞:國名。

    在今山東平陸境内。

     (12)不及臘:不到臘祭之時。

     (13)垂棘:春秋時晉地名。

    以産美玉著稱。

    這裡指美玉。

     (14)屈産:春秋時晉地名。

    以産良馬著稱。

    這裡指良馬。

     (15)仲雍:虞國的祖先。

    祀:宗廟祭祀。

    忽諸:忽然斷絕。

     【譯文】 攀登上逶迤不絕的崤山之坡,仰望那巍峨陡峭的崇山峻嶺。

    南陵乃夏王臯托以建墳之處,北丘本周文王避風雨之處。

    蹇叔擔憂秦軍失利而哭送孟明,晉襄公身着黑色孝服發兵攻秦。

    秦軍連隻輪匹馬也未能返回,三位名将被生俘後押解河東。

    倘若遇剛愎自用的昏君庸主,定會惱羞成怒而殺掉蹇叔在朝市中陳屍示衆。

    而秦穆公則是寬大為懷,把全部過失都歸咎于自身。

    孟明屢次敗北而不黜降,終于降服晉國報仇解恨。

    聲名難道真能虛傳麼?至少穆公的稱霸絕對不是這樣!來到曲崤,追念虢國,原本與虞國唇齒相依,彼此生死相關。

    貪圖賄賂的虞公出賣了鄰邦,可是自己未到年關便也束手就擒了。

    垂棘美玉反回晉府,屈産駿馬仍為晉公駕車。

    不樹信立德,百姓是不會予以援助的,仲雍的後嗣驟然而絕了。

    以上崤坂。

     我徂安陽①,言陟陝郛②。

    行乎漫、渎之口③,憩乎曹陽之墟④。

    美哉邈乎!茲土之舊也,固乃周、邵之所分⑤,二南之所交⑥。

    《麟趾》信于《關雎》⑦,《驺虞》應乎《鵲巢》⑧。

    愍漢氏之剝亂,朝流亡以離析⑨。

    卓滔天以大滌⑩,劫宮廟而遷迹。

    俾萬乘之盛尊,降遙思于征役。

    顧請旋于傕、汜(11),既獲許而中惕。

    追皇駕而驟戰,望玉辂而縱镝(12)。

    痛百寮之勤王,鹹畢力以緻死。

    分身首于鋒刃,洞胸腋以流矢。

    有褰裳以投岸(13),或攘袂以赴水。

    傷桴楫之褊小(14),撮舟中而掬指(15)!以上陝州。

     【注釋】 ①安陽:今屬河南。

     ②言:語助詞。

    陝:今河南陝縣。

    郛(fú):外城。

     ③漫、渎:漫澗和渎水,兩條水名。

     ④曹陽之墟:即曹陽墟,地名。

    在今河南三門峽西南。

     ⑤周、邵:周公、邵公。

    二者分掌政事,陝以東歸周,陝以西屬邵。

     ⑥二南:本指《詩經》中的《周南》和《召南》,後來也指産生《周南》和《召南》的地域,也即周公和邵公管轄的地方。

     ⑦《麟趾》《關雎》:都是《詩經·周南》中的篇名。

    信:證實。

     ⑧《驺虞》《鵲巢》:都是《詩經·召南》中的篇名。

     ⑨朝:朝廷。

     ⑩卓:指董卓。

     (11)傕、汜:即李傕和郭汜,董卓的部下。

     (12)玉辂(lù):古代帝王乘坐的車。

     (13)褰(qiān):撩起。

     (14)桴(fú):木筏。

    楫(jí):小船。

     (15)撮:收攏。

    掬:捧。

     【譯文】 來到安陽,進入陝邑城郊。

    行走于漫、渎的渡口,歇憩于曹陽墟。

    多麼美妙的往昔啊!這片故土曾是周公、邵公分陝而治的交界地,亦即周南、召南的交界處。

    《麟趾》由《關雎》得到證實,《驺虞》又與《鵲巢》遙相呼應。

    哀憐漢室的分裂混亂,朝廷之流離失所。

    董卓作亂如滔天洪水沖漫人間,劫掠朝廷逼迫皇室遷往長安。

    使得萬乘之君丢掉了崇高的尊嚴,步入征途生出了其路迢遙的感傷。

    漢獻帝請求李傕、郭汜護送自己返回京城,已經得到允諾而中途李、郭又翻悔。

    追趕禦駕者與保皇宮軍激戰了一場,其間竟然有敢向皇帝的車駕肆意放箭者。

    群臣救駕的情景令人痛心,他們個個竭盡全力以緻戰死。

    刀鋒之下身首分離,流箭洞穿胸膛。

    有的提着下衣投奔岸邊,有的挽起袖子跳入水中。

    可悲的是人多船小不夠乘坐,砍掉攀船人的手指足以成捧。

    以上陝州。

    
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